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184
فَإِن كَذَّبوكَ فَقَد كُذِّبَ رُسُلٌ مِن قَبلِكَ جاءوا بِالبَيِّناتِ وَالزُّبُرِ وَالكِتابِ المُنيرِ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(ऐ रसूल) अगर वह इस पर भी तुम्हें झुठलाएं तो (तुम आज़ुर्दा न हो क्योंकि) तुमसे पहले भी बहुत से पैग़म्बर रौशन मौजिज़े और सहीफे और नूरानी किताब लेकर आ चुके हैं (मगर) फिर भी लोगों ने आख़िर झुठला ही छोड़ा