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18
وَلَهُ الحَمدُ فِي السَّماواتِ وَالأَرضِ وَعَشِيًّا وَحينَ تُظهِرونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और सारे आसमान व ज़मीन में तीसरे पहर को और जिस वक्त तुम लोगों की दोपहर हो जाए वही क़ाबिले तारीफ़ है