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21
وَمِن آياتِهِ أَن خَلَقَ لَكُم مِن أَنفُسِكُم أَزواجًا لِتَسكُنوا إِلَيها وَجَعَلَ بَينَكُم مَوَدَّةً وَرَحمَةً ۚ إِنَّ في ذٰلِكَ لَآياتٍ لِقَومٍ يَتَفَكَّرونَ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

और यह भी उसकी निशानियों में से है कि उसने तुम्हारी ही सहजाति से तुम्हारे लिए जोड़े पैदा किए, ताकि तुम उसके पास शान्ति प्राप्त करो। और उसने तुम्हारे बीच प्रेंम और दयालुता पैदा की। और निश्चय ही इसमें बहुत-सी निशानियाँ है उन लोगों के लिए जो सोच-विचार करते है