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35
أَم أَنزَلنا عَلَيهِم سُلطانًا فَهُوَ يَتَكَلَّمُ بِما كانوا بِهِ يُشرِكونَ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

(क्या उनके देवताओं ने उनकी सहायता की थी) या हमने उनपर ऐसा कोई प्रमाण उतारा है कि वह उसके हक़ में बोलता हो, जो वे उसके साथ साझी ठहराते है