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56
وَقالَ الَّذينَ أوتُوا العِلمَ وَالإيمانَ لَقَد لَبِثتُم في كِتابِ اللَّهِ إِلىٰ يَومِ البَعثِ ۖ فَهٰذا يَومُ البَعثِ وَلٰكِنَّكُم كُنتُم لا تَعلَمونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और जिन लोगों को (ख़ुदा की बारगाह से) इल्म और ईमान दिया गया है जवाब देगें कि (हाए) तुम तो ख़ुदा की किताब के मुताबिक़ रोज़े क़यामत तक (बराबर) ठहरे रहे फिर ये तो क़यामत का ही दिन है मगर तुम लोग तो उसका यक़ीन ही न रखते थे