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16
يا بُنَيَّ إِنَّها إِن تَكُ مِثقالَ حَبَّةٍ مِن خَردَلٍ فَتَكُن في صَخرَةٍ أَو فِي السَّماواتِ أَو فِي الأَرضِ يَأتِ بِهَا اللَّهُ ۚ إِنَّ اللَّهَ لَطيفٌ خَبيرٌ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(उस वक्त उसका अन्जाम) बता दूँगा ऐ बेटा इसमें शक नहीं कि वह अमल (अच्छा हो या बुरा) अगर राई के बराबर भी हो और फिर वह किसी सख्त पत्थर के अन्दर या आसमान में या ज़मीन मे (छुपा हुआ) हो तो भी ख़ुदा उसे (क़यामत के दिन) हाज़िर कर देगा बेशक ख़ुदा बड़ा बारीकबीन वाक़िफकार है