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29
أَلَم تَرَ أَنَّ اللَّهَ يولِجُ اللَّيلَ فِي النَّهارِ وَيولِجُ النَّهارَ فِي اللَّيلِ وَسَخَّرَ الشَّمسَ وَالقَمَرَ كُلٌّ يَجري إِلىٰ أَجَلٍ مُسَمًّى وَأَنَّ اللَّهَ بِما تَعمَلونَ خَبيرٌ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

क्या तुमने देखा नहीं कि अल्लाह रात को दिन में प्रविष्ट करता है और दिन को रात में प्रविष्ट करता है। उसने सूर्य और चन्द्रमा को काम में लगा रखा है? प्रत्येक एक नियत समय तक चला जा रहा है और इसके साथ यह कि जो कुछ भी तुम करते हो, अल्लाह उसकी पूरी ख़बर रखता है