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11
أَنِ اعمَل سابِغاتٍ وَقَدِّر فِي السَّردِ ۖ وَاعمَلوا صالِحًا ۖ إِنّي بِما تَعمَلونَ بَصيرٌ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

कि फँराख़ व कुशादा जिरह बनाओ और (कड़ियों के) जोड़ने में अन्दाज़े का ख्याल रखो और तुम सब के सब अच्छे (अच्छे) काम करो वो कुछ तुम लोग करते हो मैं यक़ीनन देख रहा हूँ