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11
وَاللَّهُ خَلَقَكُم مِن تُرابٍ ثُمَّ مِن نُطفَةٍ ثُمَّ جَعَلَكُم أَزواجًا ۚ وَما تَحمِلُ مِن أُنثىٰ وَلا تَضَعُ إِلّا بِعِلمِهِ ۚ وَما يُعَمَّرُ مِن مُعَمَّرٍ وَلا يُنقَصُ مِن عُمُرِهِ إِلّا في كِتابٍ ۚ إِنَّ ذٰلِكَ عَلَى اللَّهِ يَسيرٌ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

अल्लाह ने तुम्हें मिट्टी से पैदा किया, फिर वीर्य से, फिर तुम्हें जोड़े-जोड़े बनाया। उसके ज्ञान के बिना न कोई स्त्री गर्भवती होती है और न जन्म देती है। और जो कोई आयु को प्राप्ति करनेवाला आयु को प्राप्त करता है और जो कुछ उसकी आयु में कमी होती है। अनिवार्यतः यह सब एक किताब में लिखा होता है। निश्चय ही यह सब अल्लाह के लिए अत्यन्त सरल है