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8
أَفَمَن زُيِّنَ لَهُ سوءُ عَمَلِهِ فَرَآهُ حَسَنًا ۖ فَإِنَّ اللَّهَ يُضِلُّ مَن يَشاءُ وَيَهدي مَن يَشاءُ ۖ فَلا تَذهَب نَفسُكَ عَلَيهِم حَسَراتٍ ۚ إِنَّ اللَّهَ عَليمٌ بِما يَصنَعونَ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

फिर क्या वह व्यक्ति जिसके लिए उसका बुरा कर्म सुहाना बना दिया गया हो और वह उसे अच्छा दिख रहा हो (तो क्या वह बुराई को छोड़ेगा)? निश्चय ही अल्लाह जिसे चाहता है मार्ग से वंचित रखता है और जिसे चाहता है सीधा मार्ग दिखाता है। अतः उनपर अफ़सोस करते-करते तुम्हारी जान न जाती रहे। अल्लाह भली-भाँति जानता है जो कुछ वे रच रहे है