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25
إِنّي آمَنتُ بِرَبِّكُم فَاسمَعونِ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

मैं तो तुम्हारे परवरदिगार पर ईमान ला चुका हूँ मेरी बात सुनो और मानो; मगर उन लोगों ने उसे संगसार कर डाला