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102
فَلَمّا بَلَغَ مَعَهُ السَّعيَ قالَ يا بُنَيَّ إِنّي أَرىٰ فِي المَنامِ أَنّي أَذبَحُكَ فَانظُر ماذا تَرىٰ ۚ قالَ يا أَبَتِ افعَل ما تُؤمَرُ ۖ سَتَجِدُني إِن شاءَ اللَّهُ مِنَ الصّابِرينَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

फिर जब इस्माईल अपने बाप के साथ दौड़ धूप करने लगा तो (एक दफा) इबराहीम ने कहा बेटा खूब मैं (वही के ज़रिये क्या) देखता हूँ कि मैं तो खुद तुम्हें ज़िबाह कर रहा हूँ तो तुम भी ग़ौर करो तुम्हारी इसमें क्या राय है इसमाईल ने कहा अब्बा जान जो आपको हुक्म हुआ है उसको (बे तअम्मुल) कीजिए अगर खुदा ने चाहा तो मुझे आप सब्र करने वालों में से पाएगे