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177
فَإِذا نَزَلَ بِساحَتِهِم فَساءَ صَباحُ المُنذَرينَ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

तो जब वह उनके आँगन में उतरेगी तो बड़ी ही बुरी सुबह होगी उन लोगों की, जिन्हें सचेत किया जा चुका है!