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25
فَغَفَرنا لَهُ ذٰلِكَ ۖ وَإِنَّ لَهُ عِندَنا لَزُلفىٰ وَحُسنَ مَآبٍ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

तो हमने उनकी वह ग़लती माफ कर दी और इसमें शक नहीं कि हमारी बारगाह में उनका तक़र्रुब और अन्जाम अच्छा हुआ