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115
وَمَن يُشاقِقِ الرَّسولَ مِن بَعدِ ما تَبَيَّنَ لَهُ الهُدىٰ وَيَتَّبِع غَيرَ سَبيلِ المُؤمِنينَ نُوَلِّهِ ما تَوَلّىٰ وَنُصلِهِ جَهَنَّمَ ۖ وَساءَت مَصيرًا

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

और जो क्यक्ति, इसके पश्चात भी मार्गदर्शन खुलकर उसके सामने आ गया है, रसूल का विरोध करेगा और ईमानवालों के मार्ग के अतिरिक्त किसी और मार्ग पर चलेगा तो उसे हम उसी पर चलने देंगे, जिसको उसने अपनाया होगा और उसे जहन्नम में झोंक देंगे, और वह बहुत ही बुरा ठिकाना है