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117
إِن يَدعونَ مِن دونِهِ إِلّا إِناثًا وَإِن يَدعونَ إِلّا شَيطانًا مَريدًا

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

मुशरेकीन ख़ुदा को छोड़कर बस औरतों ही की परसतिश करते हैं (यानी बुतों की जो उनके) ख्याल में औरतें हैं (दर हक़ीक़त) ये लोग सरकश शैतान की परसतिश करते हैं