You are here: Home » Chapter 4 » Verse 60 » Translation
← Sura 4 →
← Aya 60 →
60
أَلَم تَرَ إِلَى الَّذينَ يَزعُمونَ أَنَّهُم آمَنوا بِما أُنزِلَ إِلَيكَ وَما أُنزِلَ مِن قَبلِكَ يُريدونَ أَن يَتَحاكَموا إِلَى الطّاغوتِ وَقَد أُمِروا أَن يَكفُروا بِهِ وَيُريدُ الشَّيطانُ أَن يُضِلَّهُم ضَلالًا بَعيدًا

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

क्या तुमने उन लोगों को नहीं देखा, जो दावा तो करते है कि वे उस चीज़ पर ईमान रखते हैं, जो तुम्हारी ओर उतारी गई है और तुमसे पहले उतारी गई है। और चाहते है कि अपना मामला ताग़ूत के पास ले जाकर फ़ैसला कराएँ, जबकि उन्हें हुक्म दिया गया है कि वे उसका इनकार करें? परन्तु शैतान तो उन्हें भटकाकर बहुत दूर डाल देना चाहता है