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12
ذٰلِكُم بِأَنَّهُ إِذا دُعِيَ اللَّهُ وَحدَهُ كَفَرتُم ۖ وَإِن يُشرَك بِهِ تُؤمِنوا ۚ فَالحُكمُ لِلَّهِ العَلِيِّ الكَبيرِ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

ये इसलिए कि जब तन्हा ख़ुदा पुकारा जाता था तो तुम ईन्कार करते थे और अगर उसके साथ शिर्क किया जाता था तो तुम मान लेते थे तो (आज) ख़ुदा की हुकूमत है जो आलीशान (और) बुर्ज़ुग है