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12
فَقَضاهُنَّ سَبعَ سَماواتٍ في يَومَينِ وَأَوحىٰ في كُلِّ سَماءٍ أَمرَها ۚ وَزَيَّنَّا السَّماءَ الدُّنيا بِمَصابيحَ وَحِفظًا ۚ ذٰلِكَ تَقديرُ العَزيزِ العَليمِ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

फिर दो दिनों में उनको अर्थात सात आकाशों को बनाकर पूरा किया और प्रत्येक आकाश में उससे सम्बन्धित आदेश की प्रकाशना कर दी औऱ दुनिया के (निकटवर्ती) आकाश को हमने दीपों से सजाया (रात के यात्रियों के दिशा-निर्देश आदि के लिए) और सुरक्षित करने के उद्देश्य से। यह अत्.न्त प्रभुत्वशाली, सर्वज्ञ का ठहराया हुआ है।"