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25
۞ وَقَيَّضنا لَهُم قُرَناءَ فَزَيَّنوا لَهُم ما بَينَ أَيديهِم وَما خَلفَهُم وَحَقَّ عَلَيهِمُ القَولُ في أُمَمٍ قَد خَلَت مِن قَبلِهِم مِنَ الجِنِّ وَالإِنسِ ۖ إِنَّهُم كانوا خاسِرينَ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

हमने उनके लिए कुछ साथी नियुक्त कर दिए थे। फिर उन्होंने उनके आगे और उनके पीछे जो कुछ था उसे सुहाना बनाकर उन्हें दिखाया। अन्ततः उनपर भी जिन्नों और मनुष्यों के उन गिरोहों के साथ फ़ैसला सत्यापित होकर रहा, जो उनसे पहले गुज़र चुके थे। निश्चय ही वे घाटा उठानेवाले थे