You are here: Home » Chapter 41 » Verse 53 » Translation
← Sura 41 →
← Aya 53 →
53
سَنُريهِم آياتِنا فِي الآفاقِ وَفي أَنفُسِهِم حَتّىٰ يَتَبَيَّنَ لَهُم أَنَّهُ الحَقُّ ۗ أَوَلَم يَكفِ بِرَبِّكَ أَنَّهُ عَلىٰ كُلِّ شَيءٍ شَهيدٌ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

शीघ्र ही हम उन्हें अपनी निशानियाँ वाह्य क्षेत्रों में दिखाएँगे और स्वयं उनके अपने भीतर भी, यहाँ तक कि उनपर स्पष्टा हो जाएगा कि वह (क़ुरआन) सत्य है। क्या तुम्हारा रब इस दृष्टि, से काफ़ी नहीं कि वह हर चीज़ का साक्षी है