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38
وَالَّذينَ استَجابوا لِرَبِّهِم وَأَقامُوا الصَّلاةَ وَأَمرُهُم شورىٰ بَينَهُم وَمِمّا رَزَقناهُم يُنفِقونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और जो अपने परवरदिगार का हुक्म मानते हैं और नमाज़ पढ़ते हैं और उनके कुल काम आपस के मशवरे से होते हैं और जो कुछ हमने उन्हें अता किया है उसमें से (राहे ख़ुदा में) ख़र्च करते हैं