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40
وَجَزاءُ سَيِّئَةٍ سَيِّئَةٌ مِثلُها ۖ فَمَن عَفا وَأَصلَحَ فَأَجرُهُ عَلَى اللَّهِ ۚ إِنَّهُ لا يُحِبُّ الظّالِمينَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और बुराई का बदला तो वैसी ही बुराई है उस पर भी जो शख्स माफ कर दे और (मामले की) इसलाह कर दें तो इसका सवाब ख़ुदा के ज़िम्मे है बेशक वह ज़ुल्म करने वालों को पसन्द नहीं करता