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44
وَمَن يُضلِلِ اللَّهُ فَما لَهُ مِن وَلِيٍّ مِن بَعدِهِ ۗ وَتَرَى الظّالِمينَ لَمّا رَأَوُا العَذابَ يَقولونَ هَل إِلىٰ مَرَدٍّ مِن سَبيلٍ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

जिस व्यक्ति को अल्लाह गुमराही में डाल दे, तो उसके पश्चात उसे सम्भालनेवाला कोई भी नहीं। तुम ज़ालिमों को देखोगे कि जब वे यातना को देख लेंगे तो कह रहे होंगे, "क्या लौटने का भी कोई मार्ग है?"