You are here: Home » Chapter 43 » Verse 65 » Translation
← Sura 43 →
← Aya 65 →
65
فَاختَلَفَ الأَحزابُ مِن بَينِهِم ۖ فَوَيلٌ لِلَّذينَ ظَلَموا مِن عَذابِ يَومٍ أَليمٍ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

तो इनमें से कई फिरक़े उनसे एख्तेलाफ करने लगे तो जिन लोगों ने ज़ुल्म किया उन पर दर्दनांक दिन के अज़ब से अफ़सोस है