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26
قُلِ اللَّهُ يُحييكُم ثُمَّ يُميتُكُم ثُمَّ يَجمَعُكُم إِلىٰ يَومِ القِيامَةِ لا رَيبَ فيهِ وَلٰكِنَّ أَكثَرَ النّاسِ لا يَعلَمونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(ऐ रसूल) तुम कह दो कि ख़ुदा ही तुमको ज़िन्दा (पैदा) करता है और वही तुमको मारता है फिर वही तुमको क़यामत के दिन जिस (के होने) में किसी तरह का शक़ नहीं जमा करेगा मगर अक्सर लोग नहीं जानते