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18
۞ لَقَد رَضِيَ اللَّهُ عَنِ المُؤمِنينَ إِذ يُبايِعونَكَ تَحتَ الشَّجَرَةِ فَعَلِمَ ما في قُلوبِهِم فَأَنزَلَ السَّكينَةَ عَلَيهِم وَأَثابَهُم فَتحًا قَريبًا

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

जिस वक्त मोमिनीन तुमसे दरख्त के नीचे (लड़ने मरने) की बैयत कर रहे थे तो ख़ुदा उनसे इस (बात पर) ज़रूर ख़ुश हुआ ग़रज़ जो कुछ उनके दिलों में था ख़ुदा ने उसे देख लिया फिर उन पर तस्सली नाज़िल फरमाई और उन्हें उसके एवज़ में बहुत जल्द फ़तेह इनायत की