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117
ما قُلتُ لَهُم إِلّا ما أَمَرتَني بِهِ أَنِ اعبُدُوا اللَّهَ رَبّي وَرَبَّكُم ۚ وَكُنتُ عَلَيهِم شَهيدًا ما دُمتُ فيهِم ۖ فَلَمّا تَوَفَّيتَني كُنتَ أَنتَ الرَّقيبَ عَلَيهِم ۚ وَأَنتَ عَلىٰ كُلِّ شَيءٍ شَهيدٌ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

"मैंने उनसे उसके सिवा और कुछ नहीं कहा, जिसका तूने मुझे आदेश दिया था, यह कि अल्लाह की बन्दगी करो, जो मेरा भी रब है और तुम्हारा भी रब है। और जब तक मैं उनमें रहा उनकी ख़बर रखता था, फिर जब तूने मुझे उठा लिया तो फिर तू ही उनका निरीक्षक था। और तू ही हर चीज़ का साक्षी है