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23
قالَ رَجُلانِ مِنَ الَّذينَ يَخافونَ أَنعَمَ اللَّهُ عَلَيهِمَا ادخُلوا عَلَيهِمُ البابَ فَإِذا دَخَلتُموهُ فَإِنَّكُم غالِبونَ ۚ وَعَلَى اللَّهِ فَتَوَكَّلوا إِن كُنتُم مُؤمِنينَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(मगर) वह आदमी (यूशा कालिब) जो ख़ुदा का ख़ौफ़ रखते थे और जिनपर ख़ुदा ने ख़ास अपना फ़ज़ल (करम) किया था बेधड़क बोल उठे कि (अरे) उनपर हमला करके (बैतुल मुक़दस के फाटक में तो घुस पड़ो फिर देखो तो यह ऐसे बोदे हैं कि) इधर तुम फाटक में घुसे और (ये सब भाग खड़े हुए और) तुम्हारी जीत हो गयी और अगर सच्चे ईमानदार हो तो ख़ुदा ही पर भरोसा रखो