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60
قُل هَل أُنَبِّئُكُم بِشَرٍّ مِن ذٰلِكَ مَثوبَةً عِندَ اللَّهِ ۚ مَن لَعَنَهُ اللَّهُ وَغَضِبَ عَلَيهِ وَجَعَلَ مِنهُمُ القِرَدَةَ وَالخَنازيرَ وَعَبَدَ الطّاغوتَ ۚ أُولٰئِكَ شَرٌّ مَكانًا وَأَضَلُّ عَن سَواءِ السَّبيلِ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

कहो, "क्या मैं तुम्हें बताऊँ कि अल्लाह के यहाँ परिणाम की स्पष्ट से इससे भी बुरी नीति क्या है? कौन गिरोह है जिसपर अल्लाह की फिटकार पड़ी और जिसपर अल्लाह का प्रकोप हुआ और जिसमें से उसने बन्दर और सूअर बनाए और जिसने बढ़े हुए फ़सादी (ताग़ूत) की बन्दगी की, वे लोग (तुमसे भी) निकृष्ट दर्जे के थे। और वे (तुमसे भी अधिक) सीधे मार्ग से भटके हुए थे।"