You are here: Home » Chapter 59 » Verse 10 » Translation
← Sura 59 →
← Aya 10 →
10
وَالَّذينَ جاءوا مِن بَعدِهِم يَقولونَ رَبَّنَا اغفِر لَنا وَلِإِخوانِنَا الَّذينَ سَبَقونا بِالإيمانِ وَلا تَجعَل في قُلوبِنا غِلًّا لِلَّذينَ آمَنوا رَبَّنا إِنَّكَ رَءوفٌ رَحيمٌ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

और (इस माल में उनका भी हिस्सा है) जो उनके बाद आए, वे कहते है, "ऐ हमारे रब! हमें क्षमा कर दे और हमारे उन भाइयों को भी जो ईमानलाने में हमसे अग्रसर रहे और हमारे दिलों में ईमानवालों के लिए कोई विद्वेष न रख। ऐ हमारे रब! तू निश्चय ही बड़ा करुणामय, अत्यन्त दयावान है।"