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8
لِلفُقَراءِ المُهاجِرينَ الَّذينَ أُخرِجوا مِن دِيارِهِم وَأَموالِهِم يَبتَغونَ فَضلًا مِنَ اللَّهِ وَرِضوانًا وَيَنصُرونَ اللَّهَ وَرَسولَهُ ۚ أُولٰئِكَ هُمُ الصّادِقونَ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

वह ग़रीब मुहाजिरों के लिए है, जो अपने घरों और अपने मालों से इस हालत में निकाल बाहर किए गए है कि वे अल्लाह का उदार अनुग्रह और उसकी प्रसन्नता की तलाश में है और अल्लाह और उसके रसूल की सहायता कर रहे है, और वही वास्तव में सच्चे है