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155
وَهٰذا كِتابٌ أَنزَلناهُ مُبارَكٌ فَاتَّبِعوهُ وَاتَّقوا لَعَلَّكُم تُرحَمونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और ये किताब (क़ुरान) जिसको हमने (अब नाज़िल किया है क्या है-बरक़त वाली किताब) है तो तुम लोग उसी की पैरवी करो (और ख़ुदा से) डरते रहो ताकि तुम पर रहम किया जाए