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157
أَو تَقولوا لَو أَنّا أُنزِلَ عَلَينَا الكِتابُ لَكُنّا أَهدىٰ مِنهُم ۚ فَقَد جاءَكُم بَيِّنَةٌ مِن رَبِّكُم وَهُدًى وَرَحمَةٌ ۚ فَمَن أَظلَمُ مِمَّن كَذَّبَ بِآياتِ اللَّهِ وَصَدَفَ عَنها ۗ سَنَجزِي الَّذينَ يَصدِفونَ عَن آياتِنا سوءَ العَذابِ بِما كانوا يَصدِفونَ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

या यह कहने लगो, "यदि हमपर किताब उतारी गई होती तो हम उनसे बढकर सीधे मार्ग पर होते।" तो अब तुम्हारे पास रब की ओर से एक स्पष्ट प्रमाण, मार्गदर्शन और दयालुता आ चुकी है। अब उससे बढ़कर अत्याचारी कौन होगा जो अल्लाह की आयतों को झुठलाए और दूसरों को उनसे फेरे? जो लोग हमारी आयतों से रोकते हैं, उन्हें हम इस रोकने के कारण जल्द बुरी यातना देंगे