You are here: Home » Chapter 6 » Verse 159 » Translation
← Sura 6 →
← Aya 159 →
159
إِنَّ الَّذينَ فَرَّقوا دينَهُم وَكانوا شِيَعًا لَستَ مِنهُم في شَيءٍ ۚ إِنَّما أَمرُهُم إِلَى اللَّهِ ثُمَّ يُنَبِّئُهُم بِما كانوا يَفعَلونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

बेशक जिन लोगों ने आपने दीन में तफरक़ा डाला और कई फरीक़ बन गए थे उनसे कुछ सरोकार नहीं उनका मामला तो सिर्फ ख़ुदा के हवाले है फिर जो कुछ वह दुनिया में नेक या बद किया करते थे वह उन्हें बता देगा (उसकी रहमत तो देखो)