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44
فَلَمّا نَسوا ما ذُكِّروا بِهِ فَتَحنا عَلَيهِم أَبوابَ كُلِّ شَيءٍ حَتّىٰ إِذا فَرِحوا بِما أوتوا أَخَذناهُم بَغتَةً فَإِذا هُم مُبلِسونَ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

फिर जब उसे उन्होंने भुला दिया जो उन्हें याद दिलाई गई थी, तो हमने उनपर हर चीज़ के दरवाज़े खोल दिए; यहाँ तक कि जो कुछ उन्हें मिला था, जब वे उसमें मग्न हो गए तो अचानक हमने उन्हें पकड़ लिया, तो क्या देखते है कि वे बिल्कुल निराश होकर रह गए