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81
وَكَيفَ أَخافُ ما أَشرَكتُم وَلا تَخافونَ أَنَّكُم أَشرَكتُم بِاللَّهِ ما لَم يُنَزِّل بِهِ عَلَيكُم سُلطانًا ۚ فَأَيُّ الفَريقَينِ أَحَقُّ بِالأَمنِ ۖ إِن كُنتُم تَعلَمونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और जिन्हें तुम ख़ुदा का शरीक बताते हो मै उन से क्यों डरुँ जब तुम इस बात से नहीं डरते कि तुमने ख़ुदा का शरीक ऐसी चीज़ों को बनाया है जिनकी ख़ुदा ने कोई सनद तुम पर नहीं नाज़िल की फिर अगर तुम जानते हो तो (भला बताओ तो सही कि) हम दोनों फरीक़ (गिरोह) में अमन क़ायम रखने का ज्यादा हक़दार कौन है