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4
وَاللّائي يَئِسنَ مِنَ المَحيضِ مِن نِسائِكُم إِنِ ارتَبتُم فَعِدَّتُهُنَّ ثَلاثَةُ أَشهُرٍ وَاللّائي لَم يَحِضنَ ۚ وَأُولاتُ الأَحمالِ أَجَلُهُنَّ أَن يَضَعنَ حَملَهُنَّ ۚ وَمَن يَتَّقِ اللَّهَ يَجعَل لَهُ مِن أَمرِهِ يُسرًا

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

और तुम्हारी स्त्रियों में से जो मासिक धर्म से निराश हो चुकी हों, यदि तुम्हें संदेह हो तो उनकी इद्दत तीन मास है और इसी प्रकार उनकी भी जो अभी रजस्वला नहीं हुई। और जो गर्भवती स्त्रियाँ हो उनकी इद्दत उनके शिशु-प्रसव तक है। जो कोई अल्लाह का डर रखेगा उसके मामले में वह आसानी पैदा कर देगा