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12
وَمَريَمَ ابنَتَ عِمرانَ الَّتي أَحصَنَت فَرجَها فَنَفَخنا فيهِ مِن روحِنا وَصَدَّقَت بِكَلِماتِ رَبِّها وَكُتُبِهِ وَكانَت مِنَ القانِتينَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और (दूसरी मिसाल) इमरान की बेटी मरियम जिसने अपनी शर्मगाह को महफूज़ रखा तो हमने उसमें रूह फूंक दी और उसने अपने परवरदिगार की बातों और उसकी किताबों की तस्दीक़ की और फरमाबरदारों में थी