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3
وَإِذ أَسَرَّ النَّبِيُّ إِلىٰ بَعضِ أَزواجِهِ حَديثًا فَلَمّا نَبَّأَت بِهِ وَأَظهَرَهُ اللَّهُ عَلَيهِ عَرَّفَ بَعضَهُ وَأَعرَضَ عَن بَعضٍ ۖ فَلَمّا نَبَّأَها بِهِ قالَت مَن أَنبَأَكَ هٰذا ۖ قالَ نَبَّأَنِيَ العَليمُ الخَبيرُ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

जब नबी ने अपनी पत्ऩियों में से किसी से एक गोपनीय बात कही, फिर जब उसने उसकी ख़बर कर दी और अल्लाह ने उसे उसपर ज़ाहिर कर दिया, तो उसने उसे किसी हद तक बता दिया और किसी हद तक टाल गया। फिर जब उसने उसकी उसे ख़बर की तो वह बोली, "आपको इसकी ख़बर किसने दी?" उसने कहा, "मुझे उसने ख़बर दी जो सब कुछ जाननेवाला, ख़बर रखनेवाला है।"