You are here: Home » Chapter 67 » Verse 19 » Translation
← Sura 67 →
← Aya 19 →
19
أَوَلَم يَرَوا إِلَى الطَّيرِ فَوقَهُم صافّاتٍ وَيَقبِضنَ ۚ ما يُمسِكُهُنَّ إِلَّا الرَّحمٰنُ ۚ إِنَّهُ بِكُلِّ شَيءٍ بَصيرٌ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

क्या उन लोगों ने अपने सरों पर चिड़ियों को उड़ते नहीं देखा जो परों को फैलाए रहती हैं और समेट लेती हैं कि ख़ुदा के सिवा उन्हें कोई रोके नहीं रह सकता बेशक वह हर चीज़ को देख रहा है