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186
مَن يُضلِلِ اللَّهُ فَلا هادِيَ لَهُ ۚ وَيَذَرُهُم في طُغيانِهِم يَعمَهونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

जिसे ख़ुदा गुमराही में छोड़ दे फिर उसका कोई राहबर नहीं और उन्हीं की सरकशी (व शरारत) में छोड़ देगा कि सरगरदॉ रहें