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20
فَوَسوَسَ لَهُمَا الشَّيطانُ لِيُبدِيَ لَهُما ما وورِيَ عَنهُما مِن سَوآتِهِما وَقالَ ما نَهاكُما رَبُّكُما عَن هٰذِهِ الشَّجَرَةِ إِلّا أَن تَكونا مَلَكَينِ أَو تَكونا مِنَ الخالِدينَ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

फिर शैतान ने दोनों को बहकाया, ताकि उनकी शर्मगाहों को, जो उन दोनों से छिपी थीं, उन दोनों के सामने खोल दे। और उसने (इबलीस ने) कहा, "तुम्हारे रब ने तुम दोनों को जो इस वृक्ष से रोका है, तो केवल इसलिए कि ऐसा न हो कि तुम कहीं फ़रिश्ते हो जाओ या कही ऐसा न हो कि तुम्हें अमरता प्राप्त हो जाए।"