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38
قالَ ادخُلوا في أُمَمٍ قَد خَلَت مِن قَبلِكُم مِنَ الجِنِّ وَالإِنسِ فِي النّارِ ۖ كُلَّما دَخَلَت أُمَّةٌ لَعَنَت أُختَها ۖ حَتّىٰ إِذَا ادّارَكوا فيها جَميعًا قالَت أُخراهُم لِأولاهُم رَبَّنا هٰؤُلاءِ أَضَلّونا فَآتِهِم عَذابًا ضِعفًا مِنَ النّارِ ۖ قالَ لِكُلٍّ ضِعفٌ وَلٰكِن لا تَعلَمونَ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

वह कहेगा, "जिन्न और इनसान के जो गिरोह तुमसे पहले गुज़रे हैं, उन्हीं के साथ सम्मिलित होकर तुम भी आग में प्रवेश करो।" जब भी कोई जमाअत प्रवेश करेगी, तो वह अपनी बहन पर लानत करेगी, यहाँ तक कि जब सब उसमें रल-मिल जाएँगे तो उनमें से बाद में आनेवाले अपने से पहलेवाले के विषय में कहेंगे, "हमारे रब! हमें इन्हीं लोगों ने गुमराह किया था; तो तू इन्हें आग की दोहरी यातना दे।" वह कहेगा, "हरेक के लिए दोहरी ही है। किन्तु तुम नहीं जानते।"