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17
فَلَم تَقتُلوهُم وَلٰكِنَّ اللَّهَ قَتَلَهُم ۚ وَما رَمَيتَ إِذ رَمَيتَ وَلٰكِنَّ اللَّهَ رَمىٰ ۚ وَلِيُبلِيَ المُؤمِنينَ مِنهُ بَلاءً حَسَنًا ۚ إِنَّ اللَّهَ سَميعٌ عَليمٌ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और (मुसलमानों) उन कुफ्फ़ार को कुछ तुमने तो क़त्ल किया नही बल्कि उनको तो ख़ुदा ने क़त्ल किया और (ऐ रसूल) जब तुमने तीर मारा तो कुछ तुमने नही मारा बल्कि ख़ुदा ख़ुदा ने तीर मारा और ताकि अपनी तरफ से मोमिनीन पर खूब एहसान करे बेशक ख़ुदा (सबकी) सुनता और (सब कुछ) जानता है