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58
وَإِمّا تَخافَنَّ مِن قَومٍ خِيانَةً فَانبِذ إِلَيهِم عَلىٰ سَواءٍ ۚ إِنَّ اللَّهَ لا يُحِبُّ الخائِنينَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और अगर तुम्हें किसी क़ौम की ख्यानत (एहद शिकनी(वादा ख़िलाफी)) का ख़ौफ हो तो तुम भी बराबर उनका एहद उन्हीं की तरफ से फेंक मारो (एहदो शिकन के साथ एहद शिकनी करो ख़ुदा हरगिज़ दग़ाबाजों को दोस्त नहीं रखता