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115
وَما كانَ اللَّهُ لِيُضِلَّ قَومًا بَعدَ إِذ هَداهُم حَتّىٰ يُبَيِّنَ لَهُم ما يَتَّقونَ ۚ إِنَّ اللَّهَ بِكُلِّ شَيءٍ عَليمٌ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

ख़ुदा की ये शान नहीं कि किसी क़ौम को जब उनकी हिदायत कर चुका हो उसके बाद बेशक ख़ुदा उन्हें गुमराह कर दे हत्ता (यहां तक) कि वह उन्हीं चीज़ों को बता दे जिससे वह परहेज़ करें बेशक ख़ुदा हर चीज़ से (वाक़िफ है)