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80
استَغفِر لَهُم أَو لا تَستَغفِر لَهُم إِن تَستَغفِر لَهُم سَبعينَ مَرَّةً فَلَن يَغفِرَ اللَّهُ لَهُم ۚ ذٰلِكَ بِأَنَّهُم كَفَروا بِاللَّهِ وَرَسولِهِ ۗ وَاللَّهُ لا يَهدِي القَومَ الفاسِقينَ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

तुम उनके लिए क्षमा की प्रार्थना करो या उनके लिए क्षमा की प्रार्थना न करो। यदि तुम उनके लिए सत्तर बार भी क्षमा की प्रार्थना करोगे, तो भी अल्लाह उन्हें क्षमा नहीं करेगा, यह इसलिए कि उन्होंने अल्लाह और उसके रसूल के साथ कुफ़्र किया और अल्लाह अवज्ञाकारियों को सीधा मार्ग नहीं दिखाता