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19
وَما كانَ النّاسُ إِلّا أُمَّةً واحِدَةً فَاختَلَفوا ۚ وَلَولا كَلِمَةٌ سَبَقَت مِن رَبِّكَ لَقُضِيَ بَينَهُم فيما فيهِ يَختَلِفونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

उससे वह पाक साफ और बरतर है और सब लोग तो (पहले) एक ही उम्मत थे और (ऐ रसूल) अगर तुम्हारे परवरदिगार की तरफ से एक बात (क़यामत का वायदा) पहले न हो चुकी होती जिसमें ये लोग एख्तिलाफ कर रहे हैं उसका फैसला उनके दरमियान (कब न कब) कर दिया गया होता