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20
وَيَقولونَ لَولا أُنزِلَ عَلَيهِ آيَةٌ مِن رَبِّهِ ۖ فَقُل إِنَّمَا الغَيبُ لِلَّهِ فَانتَظِروا إِنّي مَعَكُم مِنَ المُنتَظِرينَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और कहते हैं कि उस पैग़म्बर पर कोई मोजिज़ा (हमारी ख्वाहिश के मुवाफिक़) क्यों नहीं नाज़िल किया गया तो (ऐ रसूल) तुम कह दो कि ग़ैब (दानी) तो सिर्फ ख़ुदा के वास्ते ख़ास है तो तुम भी इन्तज़ार करो और तुम्हारे साथ मै (भी) यक़ीनन इन्तज़ार करने वालों में हूँ